• ____akshat_____ 10w

    Do Ajnabi...

    एक बात है दिल की जो होठों तक लानी है आपको देखते ही आपसे मोहब्बत हो जानी है

    एक कशमकश है अंदर जो आज आपको दिखानी है

    एक बात है दिल की जो होठों तक लानी है


    एक गरज है आंखों में आपकी 

    जिसे देखकर हमारी नींदें उड़ जानी है

    छलकती हंसी में आपकी हमें सदियां बितानी हैं

    एक बात है दिल की जो होठों तक लानी है


    केसर सी जुल्फों में आपकी हमें अपनी रातें उलझानी है

    करीब रह के आपके हमें रातें बितानी है

    एक बात है दिल की जो होठों तक लानी है 


    आप आए हैं चंद लम्हों के लिए 

    फिर बिछड़कर आपसे हमें ये मुक्तशर तन्हाईयां मिल जानी है

    एक बात है दिल की जो होठों तक लानी है


    तसल्ली से ले लो तलाशी मेरे दिल की

    फिर ना केहना तपसिश में कमी रह गई थी।


    तुझे जाने से जो मैं रोक लूं सो तेरा जाना किस बात का

    बिछड़ना ही तो बेकरारी का एहसास दिलाता है।


    तन्हां रातों में नींदों को संजोकर 

    एक ख्वाब बनाया हसरतों को,

    खुली आंख कमबख्त उस घड़ी, 

    साया नजर आया

    जब‌ उस हसीन वक्त,

    यकीन है वो ख्वाब फिर से आएगा 

    और इस बारी उन्हें बेपर्दा कर जाएगा

    मचलेगी आंखें तो खोलूंगा नहीं 

    चाहे रूह निकल जाए

    पर उसे छोड़ूंगा नहीं

     गफलत के पर्दो से उसे निकालकर लाऊंगा

    और ये अपना हसीन ख्वाब सबको दिखलाऊंगा


    लड़ना है झगड़ना है पर खफा नहीं हूं, खफा नहीं हूं

    जाना है लौट कर आना है पर तुमसे जुदा नहीं हूं, जुदा नहीं हूं।

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    ©____akshat_____