• shweta_7 5w



    कसुर न उनका था न हमरा,
    बस वक़्त साथ न था हमरा,
    गुसा ना उनपर था ना उन्की बातो पर,
    बस हालातो ने ख़फ़ा करवा दिया,
    सही तो वो भी थे और हम भी,
    बस कंबख्त अहंकार जीत गया,
    एक गलती हमसे हुइ और एक समय से,
    पर प्यार तो उनपर ही न्योछावर था !!
    चलो माना हम थोडे बच्चे है,
    हर छोटी बातो पर गुसा करते है,
    पर बरखुरदार, दिल के बूरे तो हम भी नही,
    हर उस गलती का अहसास हमै भी है,
    और हर उस गलती का अफ्सोस भी,
    पर झुकना ना हमै है ना अहंकार को,
    क्या पता किसमत फिरसे साथ छोड दे!!!
    ©shweta_7