• abhisri 22w

    याद

    आज दिल बहुत भारी-भारी सा लग रहा,
    क्या तेरे साथ भी कुछ एसा ही हो रहा?

    तुझे तो शायद भूल जाऊँगी,
    पर तेरे साथ जुड़ी यादों को कैसे मिटायूंगी?

    तुने क्यों किया मेरे साथ ऐसा,
    अब नहीं रहा कुछ भी पहले जैसा।

    मेरी अभिलाषाओं को तूने मुझसे छीना था,
    मैने फिर भी तुझे अपनी प्राथमिकताओं में गिना था।

    दिल चीखकर रो रहा है
    तेरा अभी भी इंतज़ार कर रहा है।

    पर अब ना आने दूँगी तुझे इस दिल के पास,
    मैने छोड़ दी है तेरे सुधरने की आस।

    ©abhisri