• bhamini_rao 6w

    दायरे

    बड़ी विडम्बना है बडी सारी दायरे हैं
    जिन्हे लांघा नही जा सकता

    मछलियां तालाब का सारा पानी पी नही सकते
    लड़कियां कभी पूर्णतः आत्मनिर्भर नही बन सकती
    स्त्रियाँ मंगलसूत्र से गला फाँदकर आत्महत्या नहीं कर सकतीं
    पुरुष अपने पुरुषत्व को झुकने नही दे सकते
    औरत शादी से पहले मां नही बन सकती
    ठीक वैसे ही
    तुम मुझे प्यार दिखा नही सकते
    मैं घर से तुम्हारे नाम पर निकल नहीं सकती
    तुम मेरी छत चढ़ नहीं सकते
    मेरा अहम् तुम्हें अपना नही सकता

    ऐसी कितनी रेखाएँ हैं
    जिन्हें पार करने के असंख्य कोशिशें जारी है
    ज़ब भी ये मर्यादाएं पार होंगी
    झगडे व अनबन होंगी
    जंग भी छिड़ जायेंगे
    फलस्वरूप मौत भी मिल सकता है..

    कई तरह की बातें बनेंगी
    या तो संघर्ष दायरा पार न कर हार जायेगा
    या तो जीत होंगी...
    उस वक़्त तक का सब्र है तुम्हारे पास !!!!!
    ©bhamini_rao