• readsubhendu 6w

    उन्हें भी मोहब्बत के कुछ तजुरबे हुए होंगे,
    फलक पे चाँद ना हो फिर भी सजदे किए होंगे,
    मैं हर शब बैठा फ़सलों के दरमियाँ;
    शायद, सुबह तक वो भी कई शब जिए होंगे ॥

    ©readsubhendu