• smart_word_ 9w

    रात मुकम्मल है कहीं,
    फिर से जल जाना है ,
    मै तो हूं एक मोम का अंश ,
    पिघलाकर खुद ही सही ,
    रोशन घर कर जाना है ।
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    रास्ते में कांटों को ,
    हद से गुज़र जाना है ,
    ना सही इलाज ए दावा ,
    फिर भी चलते जाना है

    बख्शीश ए सिफारिश छोटी सी ,
    सफ़र यादगार कर जाना है ,
    मै तो हूं एक पिघला मोम का अंश ,
    पिघलाकर कर खुद को ही सही ,
    रोशन घर कर जाना है ।।
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    हां तकलीफ तो हुई पर
    उम्मीद की लो जलाना है ,
    धीरे धीरे आंग के
    साए में ही मुस्काना है

    पिघली हुई आग़ में ,
    उम्मीद नई जगाना है ,
    मै तो हूं एक मोम का अंश ,
    पिघलाकर खुद को घर रोशन कर जाना है ।।।
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    हूं तो बहुत कुछ पर
    ना चाहों तो कुछ भी नहीं ,
    अंधेरों से वाकिफ ,उजालों की
    पहचान कर जाना है ,

    बिना चोट के मूरत बनती नहीं है प्यारी ,
    लगे हथौड़ी हजार सब चोट भी खा जाना है ,
    मै तो हूं एक मोम का अंश ,
    पिघलाकर खुद को घर रोशन कर जाना है ,।।।।
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    MD IRFAN

    "We can see who's Winn ,
    But we can't explain who's loose,
    For us ."

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    आजमाइशें

    सफ़र - ए - मोम की पिघलती हुई दास्तां ,
    कुछ दुआ सी कुछ लगे आस्था ,