• 100urav_indori 23w

    मुझे शहरों का आसमान नही मेरे गाँव की जमीन चाहिए।
    मुझे शहरों के गीत नही, मेरे गाँव की रीत चाहिए।
    मुझे शहरों की चालाकियाँ नही मेरे गाँव का भोलापन चाहिए।
    मुझे शहरों की जवानी नही, मेरे गाँव का बचपन चाहिए।
    और
    बस यही चाहिए मुझे
    की
    खुले आसमान तले बिछी मेरी खटिया हो।
    खूब सारे पेड़ हो और एक छोटी सी मढ़ैया हो।
    गाड़ी कोई खास नही, बस ट्रेक्टर 407 हो।
    फिर जीवन बीते सुखी-सुखी जब तेरा-मेरा साथ हो।

    ©100urav_indori