• _akshaj_ 5w

    जीत से ज़्यादा फ़रियाद, अब मैं बड़ी हार की करने लगा हूँ,
    मुक़द्दर में जो है , उसे छोड़कर अपनी लकीरें खुद बनाने लगा हूँ


    ©_akshaj_