• divyashayadav 23w

    क़ब्र

    आप बैठे हो कब्र पर मेरी ,
    यहाँ आपका ज़ोर चलता नहीं है ।
    बस फूलों से कर सकते हो खिदमत मेरी ,
    यहाँ फिर कभी कोई मिलता नहीं है ।


    © दिव्याशा यादव