• rashmi_anand 34w

    यादें

    कुछ पुराने लम्हों के याद समेटे
    छू गए मुझे न जाने कैसे
    स्मृति मात्र मुझे कर जाती सूना
    यादे बन जाती मेरे दिल का गहना

    विस्मृत होकर मै देखती यूँ ही
    मेरी आँखे ढूंढ़ती किसे यहीं कहीं
    एक सोच की शिरकत हुई कि मैं गुम हो गई कहीं
    कुछ खोजती तलाशती मै ढूंढ़ती यहीं।।।।।।
    ©rashmi_anand