• its_manishmanu 51w

    नहीं हूँ मैं

    न चाहते हुए भी, हाँ रुलाता हूं हर पल तुम्हें...
    लेकिन औरों के जैसा नहीं हूं मैं ...
    जो तुझे पलकों पे बिठा के रखते हैं ...

    फ़िक्र तो पहले भी थी और आज भी है हमें...
    लेकिन औरों के जैसा नहीं हूं मैं ...
    जो हमसे कहीं ज्यादा तेरी फ़िक्र करना जानते हो ...

    हाँ, हूं थोड़ा खफ़ा खुद से, थोड़ा तुझसे ...
    लेकिन औरों के जैसा नहीं हूं मैं ...
    जो अपनी हर एक बात तुझसे बयां कर सकूँ ...

    ©its_manishmanu