• satyam_kumar11 22w

    ये ज़िन्दगी सवाल थी जवाब माँगने लगे
    फरिश्ते आ के ख़्वाब मेँ हिसाब माँगने लगे

    इधर किया करम किसी पे और इधर जता दिया
    नमाज़ पढ़के आए और शराब माँगने लगे

    सुख़नवरों ने ख़ुद बना दिया सुख़न को एक मज़ाक
    ज़रा-सी दाद क्या मिली ख़िताब माँगने लगे

    दिखाई जाने क्या दिया है जुगनुओं को ख़्वाब मेँ
    खुली है जबसे आँख आफताब माँगने लगे