• vaishali_sharma97 24w

    कली

    कुछ जिन्दा
    कुछ मुर्दा
    सी हो गई हैं,
    ज़िन्दगी।
    उमीदो के सफर में टूट रही हैं
    हर कली,
    मेरी चाहत उनको चुभन हो गई हैं।
    जज़्बातो की बारिश नही हो रही
    सफर वही हैं बस अब
    तेरी मेरी बातें खिलती नही हैं।।
    ©vaishali_sharma97