• aashi__shankar_ 9w

    #जरा

    पड़ाव नया आ गया था,
    सुहाना सफर अंतिम पे था,
    कुछ उदासियां,
    कुछ मनमानियां,
    कुछ ख्वाहिशों की पहेलियां,
    कुछ बीते लम्हों की अठखेलियां,
    कुछ गुल जो बीन खिले रह गए,
    कुछ द्वेष जो निखर गए,
    कुछ अजनबी जो अपने बन गए,
    कुछ करिबी जो दूर हो गए,
    कुछ मनमुटाव जो सुधर गए,
    कुछ उदासियां जो मुस्कान में बदल गए,
    सबका एक सबब दिख सा रहा था,
    अंततः जीवन का सार स्पष्ट होता जा रहा था !!
    ©aashi__shankar_