• nitin_chauhan 9w

    ए मेरे दोस्त !
    मेरे जिगरी

    तू क्या दिखी
    एक दिन

    में ठहर सा गया

    अचानक ,

    चाँद भी छुप गया !
    और चमकने की कला को भूल गया

    संदेह में किस्मत
    मुझे कहीं मिली
    और मेरी पीठ थप थपाये
    और तुझे वो किस्मत
    की भी किस्मत बोली
    ©nitin_chauhan