• _indian_ink_ 32w

    दो पल मुलाकात तो हुई नहीं ,
    तुमने " चाय " पर बुलाया भी तो नहीं |

    माँ को बहुत पसंद आए तुम ,
    मैनें तो नजर उठाई भी नहीं |

    सोचा ना था बातों बातों में मोहब्बत हो जाएगी
    धीरे धीरे मेरी " कलम " अब तुम्हारी हो जाएगी |

    वक्त के साथ साथ जाना तुम्हें ,
    कब जान बन जाओगे मैनें ये तो जाना नहीं |

    कहतें हो रिश्ता खत्म करते है ,
    माँ ने दीपक बुझाना सीखाया भी तो नहीं |

    चांद हो तुम ,मैं तुम्हारी ध्रुवतारिका ,
    मोहब्बत हो तुम मेरी अब ये कोई "गुंडागर्दी" तो नहीं |
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