• khamooshlfj8kv 6w

    मैं कुदरत में जन्मी हूँ और सृष्टि की जननी हूँ। किसी ने आवाज लगाई "औरत"हाँ मैं वही हूँ।
    पर तूम बस इंसान समझो मुझे क्योंकि औरत को लेकर तुम्हारे जहन में धारणाए बहुत हैं। तुमसे ज्यादा नहीं बस तुम्हारे जितना हक चाहिए। अपनी आसमान रूपी जिंदगी में आजाद पंक्षी की तरह उड़ती रँहु।
    मेरा खुदा बक्शे मुझको इंसानियत मैं खुद की ही जिमेदारी हूँ।
    ©khamooshlfj8kv