• ajayamitabh7 22w

    मेरी जिंदगी का मुझको कोई नहीं भरोसा:कविता

    मेरे नाम में अचानक,ये क्या सूझी है तुझको?
    बदनाम मैं बड़ा हूँ, दे दुँ तुझे मैं कैसे?
    क्या है तेरा इरादा मेरी जिंदगी से तुझको?
    अंजाम ईक बुरा हूँ, दे दुँ तुझे मैं कैसे?

    उलझनों का मेरे जवाब नही कोई ,
    तुझे चाहिए हिसाब ,दे दुँ तुझे मैं कैसे?
    दिल रहा है शीशा मेरा पत्थर ये दुनियाँ,
    तुम्हे चाहिए पर ख्वाब,दे दुँ तुझे मैं कैसे ?

    मेरा मेरे मन से , रही दुश्मनी हमेशा,
    तुम मांगते हो वादा, दे दुँ तुझे मैं कैसे?
    मेरे साथ ही रहने का सही तो है इरादा,
    पर गम हैं थोड़ा ज्यादा,दे दुँ तुझे मैं कैसे?

    मंजिल न मेरी सीधी, ना मैं भी इतना सादा,
    मन भावनी सी सूरत , दे दुँ तुझे मैं कैसे?
    मरने में बड़ी बाधा, जीता हुँ आधा आधा,
    तुझे प्यार की जरूरत, दे दुँ तुझे में कैसे?

    शिद्दत से पड़े पीछे बुरे वक्त के सौदागर,
    खराब है मुहूरत , दे दुँ तुझे मैं कैसे?
    मेरी जिंदगी का मुझको कोई नहीं भरोसा,
    मेरी मौत पे हुकूमत दे दुँ तुझे मैं कैसे?