• mymistysoul 11w

    Hisab-e-ishq

    ये तेरे इश्क का हासिल है जो खो के तुझे फिर से पाया है
    वरना हम आज भी अपने ग़म-ए-जहां का हिसाब कर रहें होते

    ©mymistysoul