• chandrani 47w

    # दिल की कुछ अनकही बातें #

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    कभी तुम मेरी सबसे चहेती त्यौहार थी
    पर अब तुम्हारे रंगीन रंग भी बेरंग लगते है
    गुलाल का गुबार
    मन को करता है ज़ार ज़ार
    रंगो से रंगा पानी दिल जलाता है
    हुड़दंग भी तन्हाई का
    अहसास कराता है
    चहुँ ओर रंगों की फुहार
    मेरे आँखों से बहते आंसुओं की धार
    खेल न पायी तुम्हे एक भी बार
    उसके साथ जिसे
    मैं करती हूँ प्यार
    हर साल जलाने मेरा दिल
    क्यों आती हो होली तुम।

    ©chandrani