• anonymous_143 4w

    होटल के बन्द कमरों से लेकर

    गन्ने के खेतों तक



    जाने-अनजाने

    हर रोज़ कैद होती है

    एक ज़िन्दगी



    जिसका सबूत है

    मोबाइल का वो छोटा सा कैमरा



    जो देख रहा होता है अपनी जिज्ञासु नज़रों से

    दो बदनों का मिलन।



    हवस की आख़िरी सीमा

    जिसमें सिहर जाते हैं दोनों बदन

    कुछ क्षण के लिए।



    यदि खड़ा किया जाय

    न्याय के कटघरे में

    तो

    पाओगे कि

    मोबाइल का यही कैमरा ही

    दोनों कटघरों में खड़ा है।



    यही गवाह है

    और गुनाहगार भी।



    और

    इस तरह बन जाता है

    एक MMS.



    MMS की शिकार युवतियाँ

    झेलती हैं बार - बार



    अपने जाँघों के बीच

    मांस का वो लोथड़ा

    जिसे उसने ही अधिकार दिया था

    प्रेम में आसक्त होकर

    या कि यौवन के उन्माद में



    जिसे उसकी ही जाँघें

    कभी

    निगलना चाहती थीं



    लालच के वशीभूत

    यौवन के वशीभूत

    विश्वास के वशीभूत ।



    और वह मांस का लोथड़ा

    हर रात निगलता है

    अब

    उसका यौवन

    तन

    मन

    और जीवन



    जबरन।



    पहले एक था

    अब हो गए कई बदन



    जबरन।



    जबरन।





    #mms
    #lovewithoutmobile
    #dontfilmyoursex

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    " MMS की शिकार युवतियाँ "

    ( अनुशीर्षक पढे़ं )








    ©anonymous_143