• imaginer 31w

    अश्कों ने ही थामा हाथ मेरा
    जब छोड़ चले मेरे अपने भी
    मेरी परछाई ने ही साया किया
    जब माँ भी आँचल देना भूल गई
    किसी से भी ना कह सका मैं बातें जो
    वो इस कोरे कागज़ ने समेट ली |
    ©imaginer