• rajeshchaudhary 31w

    माँ

    हाँ ख़ुदा जैसी प्यारी है मेरी माँ
    ख़ुदा देखा नहीं हाँ देखी है माँ

    उस जैसी प्यारी,दया की मूरत है माँ
    जन्म देती,ज़िंदगी देती
    दूध देती,दुआयें देती माँ
    काला टीका,अच्छा सलीका
    मदमस्त प्यार बरसाती माँ
    खुशियों के दौर चलाती माँ
    ता उम्र मेरे कदमों तले पलकें बिछाती माँ
    बड़े होने पर भी मुझे ज़िंदगी सिखाती माँ
    हाँ ख़ुदा जैसी प्यारी है मेरी माँ

    उम्र के इस दराज़ मे भी भाग के आती माँ
    गले लगाती माथा चूम हर बार दुलारती माँ
    देखते ही देखते झुर्रियों मे लिपटी माँ
    अब भूल जाती हर बात फिर दोहराती माँ
    मेरे जूते मेरा बाइक तक चमकाती माँ
    डांटने पर चुपके से येह काम निपटाती माँ
    हाँ ख़ुदा जैसी प्यारी है मेरी माँ

    डरता हूँ जब जाओगी कैसे रह पाओगी माँ
    तू तो ख़ुदा का दामन भी छोड़ आओगी माँ
    हाये न जाने क्यों ऐसी होती है माँ
    नम कलम तुझे और न लिख पाए माँ
    तुझे तो बस मेरी भी उम्र लग जाए माँ....