• manish_tripathi 31w

    तो किसी की मौत प्राकतिक थी

    कुछ थे जिन्हें मैं जिंदा रखना चाहता था
    खैर वो लोग भी मेरे पलकों से कूद के खुदकुशी कर लिए

    बचा ना पाया उन्हें लाख कोशिशों की वजूद
    मेरे बिस्तर के सिरहाने बैठ के मौत बीमार हो चुकी है
    मुद्दतो से इसके भी आंसू बहते जा रहे है।

    ©BrokenHeart
    -ManishTripathi