• _smriti_____ 46w

    तन्हाई भी क्या गज़ब का शोर मचाती है
    अफसानों के अंधेरे को मिटा
    हकीकत से रुबरु करवाती है
    तोड़ जाती है एक पल में हर वो ख्वाब
    जो आँखें महफिल में बैठ देख जाती है
    तन्हाई भी क्या गज़ब का सितम ढ़ाती है
    बेगैरत उन पलों को
    खामखा याद दिला जाती है
    @cs_dreams
    @hindiwriters @hindikavyasangam

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    तन्हाई भी क्या गज़ब का शोर मचाती है
    अफसानों के अंधेरे को मिटा
    हकीकत से रुबरु करवाती है
    तोड़ जाती है एक पल में हर वो ख्वाब
    जो आँखें महफिल में बैठ देख जाती है
    तन्हाई भी क्या गज़ब का सितम ढ़ाती है
    बेगैरत उन पलों को
    खामखा याद दिला जाती है

    ©cs_dreams