• himanshuchaturvedi 35w

    JusticeforAsifa!!

    हो सके तो माफ़ करना बहना..हम शर्मसार हैं
    हम करोड़ों भी तुम्हे बचा ना सके...हम शर्मसार हैं
    हम तुम्हे समय रहते इंसाफ ना दिला सके...हम शर्मसार हैं
    तुम्हारी हसी तुम्हारी किलकारी..चीख में बदल गई और हम सुन ना सके....हम शर्मसार हैं
    तुम्हे भी जीना था...पंछी बन उड़ना था...पर खुलने। से पहले ही तुम आ गिरी और तुम्हे हम बचा ना सके...हम शर्मसार हैं
    मां-बाबा की प्यारी थी...घर में सबकी ही दुलारी थी...अब वो घर सुना है...हम शर्मसार हैं
    इस हादसे ने सबके दिल को देहलया होगा...ये सुन जिस्म सबका ही थरथराया होगा....इसके बावजूद भी...हम जाति-धर्म की नीचता में उलझे खड़े हैं.....हम शर्मसार हैं
    उन इंसानी भेड़ियों के कारण हुआ बेहद ही दुखद अंत....और अभी तक भी उन्हें सज़ा ना मिली...हम शर्मसार हैं
    हम सिर्फ हाथ पे हाथ धरे बैठे....मोम जलाते..सिर झुकाए..इस खोखले कानून के इंतजार में हैं.....हम शर्मसार हैं
    और तुमसे हम कभी मिले नहीं बहना...फिर भी तुम्हे खो देने का बेहद दुख है...अभी नन्ही सी परी ही तो थी तुम
    अगला जन्म अगर कहीं हुआ तुम्हारा...खुदा ना करे मगर कही मुसीबत आए भी तो....बस इक आवाज़ लगाना...खुदा कसम ये भाई तुम्हारा पूरी जान झोंक। कभी...चाहे खुद खुदा ही क्यों ना हो सामने तुम्हरे खातिर उससे भी लड़ जाएगा❤
    पर हो सके तो हमे माफ़ करना बहना.....हम शर्मसार हैं

    ©himanshuchaturvedi