• mmuzammil2310 26w

    Mere Ehsaas-Mere Alfaaz

    यूँ कहने को तो कह देता हूँ,
    कि बिन तेरे भी खुश रहता हूँ!
    पर हक़ीकत तो बस इतनी सी है,
    दिन रात मैं आहें भरता हूँ!
    रात चाँद को तकता रहता हूँ,
    तेरी यादों से खेला करता हूँ!
    फिर उन यादों को लफ्ज़ों में पिरोकर,
    कागज़ पे उतारा करता हूँ!
    ©mmuzammil2310