• kumargourav99 10w

    ज़िन्दगी तलाश रहा था मैं... कब से अंधियारों में,
    तुम अकेली खड़ी मिली मुझे, उस भीड़ में... हज़ारों में,

    तुम भी टूटे दिल के साथ, खो चुकी थी खुद को कहीं,
    तुम्हारे भी इश्क़ को किसी ने... नीलाम किया बाजारों में।।

    ©kumargourav99