• aanujbachhav 5w

    क्या गुनहा जो सज़ा किसिके इश्क़ मे मिले
    रिवायत क्या करनी जो पल उधार मे मिले
    उस चीजकि आरज़ू है तुझे ए दोस्त
    जो चीज़ भरें बाज़ार मे खुले आम बिके...
    ©aanujbachhav