• sun_deep 31w

    पता है मुझे गुलाब-ए-इश्क़ नहीं मिलेगा,,,
    फिर भी घूमते हैं,,
    इस उम्मीद में बाग़ में उसके,कि
    कम से कम दर्द-ए-ग़म का कांटा तो चुभेगा।।

    ©sun_deep