• nmwrites 22w

    अगर सोची समझी दुनिया के,
    दस्तूर में जुठ और फरेब है,
    तो हम नादान ही सही,
    पूरा जहां ना समेट सके तो क्या,
    अपनी नन्ही दुनिया में खुश सही।


    ©nmwrites