• chahton_ka_prinda_sanjay 23w

    #हाँ मैं बागी हूँ मगर आशिक़ भी

    किसी से ज्यादा वास्ता ऐ वफ़ा तो नहीं
    किसी से कोई शिकायत ऐ रजा भी नहीं
    ख्वाबो के दर्मिया कोई हमेशा रहता है
    हाँ मैं बागी हूँ और आशिक़ भी

    जिंदगी की बातो में, हर सौगातो में
    कोई याद रहता है, दिन और रातो में
    कितनी सहज कितनी बिखरी बिखरी
    प्यार से ये बाते मेरी है निखरी निखरी

    अरमान कोई और ना बस प्यार का
    मध्यनजर दिल के चेहरा वो चाँद सा
    अन्यथा कोई मुराद नहीं दिल की
    तस्वीर बस जहन में है उसकी

    दिल की ये बाते जगजाहिर तो नहीं
    बया ऐ दास्ताँ करने में माहिर भी नहीं
    बेफिक्र हूँ कि दिल टूटा नहीं अभी
    शायद उसको कह दूंगा एक दिन मैं

    क्या पता कि उसके दिल में क्या है
    वो ही लेकिन मेरे दिल में रहा है
    गर उसको प्यार होता बात अलग थी
    इसी आस में दिन गुजर जाता है मेरा

    क्या पाया मैंने उसको चाहने के बाद
    बात ये नहीं, हमेशा रहती है साथ
    उसकी बातो का कोई जवाब नहीं
    उसके बिना मुकम्मल ख्वाब नहीं

    जीता हूँ उसे देखकर, वही एक बस
    उसके बिना बेकार लगता है सब
    वो किसी जिक्र का मोहताज नहीं
    देखा मैंने उससा कोई अंदाज़ नहीं

    जिंदगी की पहली और वो अंतिम
    जीना नामुमकिन है मेरा उस बिन
    वो लड़की दिल के पास रहती है
    वो दिल से मेरे लहू बन बहती है

    कुछ गवारा नहीं मुझको वो चाहिए
    उसकी बाते हूबहू दिलशाद चाहिए
    दूसरी राह पर चलना नहीं चाहता
    उसको ही पाना जिंदगी है मेरी

    दर्मिया हमारे दूरिया बहुत है अभी
    मिल जाए शायद किस्मत से कभी
    अगर ऐसा है तो बहुत अच्छा है
    प्यार मेरा ये बिलकुल सच्चा है

    #दर्मिया #चाहत #जिंदगी #बागी #वो #जगजाहिर #अंदाज़ #दिलशाद


    © चाहतों का परिंदा----संजय