• sanwari_ladki 6w

    #मैं #ख्वाहिशें #poetry

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    मेरी ख़्वाहिश

    हवाओं की तरह मचल जाऊं,
    बादलों की तरह घटा बन जाऊं,
    सूरज की किरणों की तरह बिखर जाऊं,
    चांद की रोशनी की तरह चमक जाऊं,
    तितली की तरह इत्रा जाऊं,
    फूलों की तरह महक जाऊं,
    कलियों की तरह खिल जाऊं
    नदी की धारा की तरह मंजिल दर्शाऊँ
    बस एक नई राह दिखा जाऊं।
    ©sanwari_ladki