• rajriya936 26w

    भाव

    मैं ओ हूँ जो दुसरो के चेहरे पर नज़र आता हूँ,
    लेकिन मेरी एक कमजोरी है की जल्दी मैं किसी को समझ नहीं आता हूँ।
    ये बता देता हूँ की मुझपे आज गुजरी क्या हैं,
    और आज मुझमे कुछ अधूरी क्या है।
    मैं आज किसी के चेहरे पे गया था,
    उसे उसकी अक्स याद दिलाने
    लेकिन उसने ना समझ मुझे और चल पड़ा मुझे रुलाने।
    मैंने पूछा की क्यों हो तुम आज ऐसे,
    क्यों बोझ बनाये हुए हो मुझे......
    जो भी है उसे प्रकट कर लो,
    वरना तुम जी नही पाओगे ऐसे।
    मै तुम्हारे मीत जैसा हूँ मुझे कुछ बता दो,
    और अपने दिल का जो भी दर्द है उसे मिटा दो।
    ©rajriya936