• urvashi_s 14w

    दिल की बात

    अक्सर दिल लूटने वाले,
    दिल तोड़ कर चले जाते हैं।
    जिस दिल से वो खुशियाँ फैलाते हैं,
    उस दिल में छुपे गम को
    हम कहाँ ही देख पाते हैं।

    मुस्कराते चेहरे हैं,
    पर इनमें,
    राज गेहरे हैं।
    दिख रहा है जो जैसा,
    वो अक्सर वैसा नहीं होता है।
    जो तालाब शांत दिखे,
    जरुरी नहीं,
    वो अंदर से भी शांत होता है।

    खुश रहने के लिए,
    सभी ढूंढ रहे हैं बहाने।
    और गम के आंसू को
    लग गए हैं छुपाने।
    आसान नहीं हैं रास्ते,
    हर तरफ अंधेरा दिखता है;
    गुम न हो जायें कभी,
    यह डर हमेशा बना रहेता है।
    सभी के साथ होकर भी,
    अकेला सा लगता है।

    तनहा सा सफर है ये;
    इस सफर में
    खुद से खुद ही लड़ रहे हैं।
    चलते चलते बाँट रहे खुशियाँ,
    और अपने ही गम बाँटने से डर रहे हैं!
    ©उर्वशी शर्मा