• damanvir 30w

    मां

    ऐ मां मेरी
    कैसे बयां करूं
    ममता मैं तेरी
    याद हैं वो दिन मुझे आज भी
    जब तूं जागती थी रात भर
    कैसे माथे पे पट्टी लगाती थी
    अपना सुख चैन त्याग कर
    भूल गई तूं पूरे करने अपने सपने
    पालते पालते सभी बच्चे अपने
    तेरे चेहरे पर समय से पहले आई यह झुर्रियां
    अलग दास्तां बयां करती हैं
    हरपल भरी भरी सी ये आंखें बताती हैं
    भला माऐं कहां बिना चिंता के बैठती हैं
    नींद तो मुझे इन महंगे बिस्तर पर भी आती है
    पर तेरी गोद में सिर रखकर
    मुझे अपनी सारी तकलीफें भूल जाती हैं
    समझ ना आए मुझे कैसे चुकाएं तेरे इन अहसानों को
    तूं भी सोचती होगी कदर नहीं तेरे पल्लू की इन इंसानों को
    तेरे प्यार की आड़ में यह नास्तिक भी भगवान से कुछ मांग बैठा
    "हे भगवान खुशियों का अंबार लगा दे इस परी के पैरों पर
    जिसने सर पर चिंताओं का पिटारा संभाला है
    भगवान होगा तूं इस दुनिया का
    मेरे लिए तो वो भगवान है जिसने मुझे पाला है"
    ©damanvir