• syeddanishabdi2 6w

    वो जो एक शख्स तन्हा बैठा है
    किसी की खातिर ज़माने से लड़ बैठा है

    थी कभी उसके भी चेहरे पे एक हसी
    वो आज अपनी हसी खो बैठा है

    ©syeddanishabdi2