• kaushik10 22w

    एक रोज़ निकला था घर से
    दृश्य एक ही पाया देख
    एक फूल था गिरा धरा पर
    खड़े थे घर बने बड़े बड़े ।

    देख के उसको लगा कि जैसे
    चरम पे था अब मृत्यु-खेल
    असर था ये मानव की ज़िद का
    खत्म थी सृष्टि खत्म था खेल ।।
    ©kaushik10