• niraj87 23w

    मेरी डायरी

    मेरे यारों की काबिलियत न पूछिये जनाब खंज़र से घायल कर हँस कर निकल गए,
    और जब मैं चलने की काबिल हुआ सब कहते हैं 'नीर' तो बिल्कुल बदल गए.....नीर