• vijjus8722 14w

    आरामगाह

    आरामगाह सा दिल मेरा,

    और फितरत तेरी मेहमानों सी

    अब हर ज़र्रे की गुज़ारिश है जरा ठहर जा इस पल में

    और घुल जा मुझमें मीठी चाशनी सी।।
    ©vijjus8722