• surbhi_verma 9w

    ये जो इश्क़ नाम की बीमारी है ,
    इसी में फंसी दुनिया सारी है ।
    प्यार - दो बातें , मुलाकातें , बिताई रातें नहीं है ,
    इंतेज़ार , विश्वास,त्याग है प्यार,- बस पुरानी बातें नहीं है ।
    वफा की कसमें खाने वाले ही
    अक्सर बेवफाई कर जाते है ,
    हवस को प्यार कहने वाले आशिक़ ,
    प्यार को कहां समझ पाते है ।
    प्यार का सफर तो वहां से शुरू होता है ,
    जहां गलतफहमी से रिश्ता ख़तम होता है ।
    शायद ! आज मेरी स्याही ख़तम हो जाएगी पर
    ये प्यार की परिभाषा अधूरी ही रह जाएगी ।
    ©surbhi_verma