• surbhi_verma 4w

    कल मेरे बगैर लाश थे तुम ,
    आज मेरे बगैर खुश हो तुम ।
    ये वक्त इतनी जल्दी कैसे बदल जाता है ,
    कोई अपना इस कदर कैसे छोड़ जाता है ।
    ना जाने कब तू मेरे जीने की वजह बन गया ,
    तेरा हसीन नक़ाब भी क्या बेवफाई कर गया ।
    " ताउम्र साथ चलेंगे " - तुमने कहा था !
    बिखरी थी मै उस मोड़ , आंसू मेरा भी बहा था ।
    आज भी मै उस राह पर तेरा इंतजार करती हूं ,
    क्या करू ? आज भी तुझसे उतना ही प्यार करती हूं।

    - सुरभि वर्मा