• manishabhatt 6w

    जी चाहता है पास बिठाया तुझे
    अपनी गोद में लिटाऊ तुझे
    तू रूठे अगर तो मनाऊ तुझे
    तू सोना चाहे तो प्यार से सुलाऊ तुझे,

    जी चाहता है कि तेरे सारे गम मिटा सकू
    तुझे बेहिसाब प्यार कर सकू
    काश तुझे बता सकू की
    तू जैसा भी है बिल्कुल अलग सा है
    थोड़ा पागल सा थोड़ा प्यारा सा है,

    जी चाहता है पूछू तेरा हाल मै
    पर शायद अब ये भी हक ना है
    तेरे सारे किस्से सुनू
    तेरे ढाल बना रहूं मै ,

    जी चाहता है तुझे सुनू
    तू क्या सोचता है तू क्या चाहता है
    तेरे गुस्से पर भी प्यार अता है
    तेरे प्यार पर भी इकरार आता है,

    तू पड़े कमज़ोर
    तो फिर से तुझे उठाऊ मैं
    तू हो परेशान तो
    तेरी सारी परेशानियों को मिटाऊ मै
    अब कुछ ऐसा कर जाऊ मैं,

    मुझे नहीं पता ऐसा क्या रिश्ता है तुझसे
    पर जो भी है
    विश्वास करे वो किसी और से नहीं
    हा पर जो भी है अब ,
    बड़ा बेहिसाब सा है।।
    ©manishabhatt