• deepikarana08 23w

    मिलने की ख्वाहिश

    देखो ना कैसी ये ज़िद हैं तुमसे मिलने की मुझेको बस खींचे लिए चली जाती हैं मिलकर आई हु तुमसे अभी तो फिर से मिलने की ख्वाहिश जगा जाती हैं।
    ©deepikarana08