• bhushan 49w

    कश्मकश...

    करते नहीं बयां हम भी खुद को तुमसे,
    बाते तो समझ नहीं पाते,
    ख़ामख़ा उलझ जाओगे, तुम हमसे ।

    अब तो हम भी डरने से लगे हैं ख़ुद से,
    आदतें अजीब हो गयी हैं,
    समझा नहीं पाते हैं खुद को भी खुद से।


    ©bhushan