• blockhead_ 5w

    जाम भरके जोकर आंसू से खुद के,
    अब खाने में भी हम ठोकर खा रहे हैं।

    नजरों में जमाने के आने की चाह है,
    तो नज़रों में उनके बुरे होकर जा रहे हैं।

    चंद सिक्के टिमटिमाते अम्बर से लाने,
    अपने हक का चाँद, हम खो कर जा रहे हैं।

    ©कहता_है_जोकर
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    I am not sad anymore...तुम जब गए ही नहीं तो ये रोना धोना कैसा?

    #readthisJ @kehta_hai_joker ����

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