pranali_writes_

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  • pranali_writes_ 4w

    I dreamed it, I willed it, that's how it should be
    That the law of attraction would bring you to me
    But now that you're here I've got to confess
    I'm not sure I'm up for this kind of success.
    You're the only law I'm willing to follow
    Everything to this moment suddenly rings hollow
    The voice of your soul commands me to move
    With reckless abandon I'm ready to prove
    I feel the need to break all the rules
    What I'm learning from you isn't taught in school
    One smile from you and I color outside of the lines,
    Your laugh drives me to run all the red lights
    Skip barefoot in snow and stay up all night
    Kiss you in public, confess most of my sins
    To hell with sportsmanship... I'm out to win
    The reason you've come is the law of attraction
    And there's nothing that brings me more satisfaction
    That I'd feel this way for you is so unexpected
    I understand now how my soul was neglected
    Your interest draws out in me every cliché
    You started this game... are you ready to play?
    Ignoring all the signs that it can't be done
    Rules are made to be broken; that's half the fun
    Your hand in mine gives me all that I need
    To take more chances...risk making a scene
    Your eyes convey more than your lips can say
    Reflecting the promise of more on the way
    Supernatural forces are infinitely stronger
    And I could not have waited a moment longer
    We were meant to create this breathless reaction
    The only rule I need is your law of attraction
    ©pranali_writes_

  • pranali_writes_ 8w

    By unknown writer

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    .

  • pranali_writes_ 8w

    वक़्त के दायरो में हम यूं ही पिघल जायेंगे,
    दूर ही सही पर हर पल तुम्हें याद आयेंगे,
    कभी वक़्त के पन्नों को पलट के आप सोचेंगे
    मेरी लिखी हर कविता में खुद को आप पायेंगे,
    मिले थे आप जिसे बन के अजनबी,
    वही तो हैं हम जो दिल के पास हो जायेंगे,
    हम तो हर वक़्त रहेंगे आपके साथ कविता बन के
    वक़्त के साथ ना समझना हमें बेवफा,
    जब भी बुलाओगे दिल से हमें
    आपकी आँखों को छुपाये अपने हाथों से हम ही मुस्कुरायेंगे,
    जब भी याद करोगे दिल से हमें
    आँखों से आंसू बन के हम छलक जायेंगे
    ©pranali_writes_

  • pranali_writes_ 8w

    When tomorrow starts without me, and I’m not there to see,
    If the sun should rise and find your eyes,
    all filled with tears for me,
    I wish so much you wouldn’t cry, the way you did today,
    While thinking of the many things we didn’t get to say.I know how much you love me, as much as I love you,And each time that you think of me,I know you’ll miss me too.But when tomorrow starts without me, please try to understand,
    That an angel came and called my name and took me by the hand.
    And said my place was ready in Heavenfar above,And that I’d have to leave behind, all thosethings I dearly love.But as I turned to walk away, a tear fell from my eye,For all my life, I’d always thought, I didn’t want to die.
    I had so much to live for, so much yet to do,It seemed almost impossible, that I was leaving you.I thought of all the yesterdays, the good ones and the bad,
    I thought of all the love we shared, and all the fun we had.If I could relive yesterday, just even for a while,
    I’d say goodbye and kiss you, and maybe
    see you smile.But then I fully realized, that could never be,For emptiness and memories, would takethe place of me.
    And when I thought of worldly things,might miss come tomorrow,
    I thought of you, and when I did, my heart was filled with sorrow.
    But when I walked through Heaven’s gates,
    I felt so much at home.When God looked down and smiled at me,from his great golden throne.He said, “This is eternity, and all I’ve promised you.
    Today your life on Earth is past, and here it starts anew”.
    “I promise no tomorrow, but today will always last, And since each day’s the same day, there’sno longing for the past”.
    “But you have been so faithful, so trusting and so true,Though there were times you did some things,you know you shouldn’t do”.
    “But you have been forgiven, and now at
    last you’re free,
    So won’t you take my hand now andshare
    My life with Me”.So when tomorrow starts without me, don’tthink we’re far apart,
    For every time you think of me, I’m right herein your heart.
    ©pranali_writes_

  • pranali_writes_ 8w

    सूरत ना देखी मैंने उसकी,
    मूरत फिर भी उसकी बनने लगी है,
    दिन को चैन नहीं आता,
    और रातों की नींद उड़ने लगी है,
    लगता है उससे मोहब्बत होने लगी है,
    उसकी यादों में, आँखों से नीर बहते है,
    अब तो आँखों को आँसू से मोहब्बत होने लगी है,
    कलम लिखना चाहती है, केवल तुम्हारे बारे में,
    और बातें मेरी कविताओं में ढलने लगी है,
    लगता है उससे मोहब्बत होने लगी है,
    उसकी यादों में, रातें गुजार देती हूँ,
    अपनी ही बातों में, खुद को सँवार देती हूँ,
    सुनसान रातों में, मेरी बातें गहराई में उतरने लगी हैं,
    अब तो मेरे दिल की तन्हाई मोहब्बत में बदलने लगी है,
    लगता है उससे मोहब्बत होने लगी है,
    सुबह सूरज की रोशनी भी अधूरी सी लगती है,
    बाज़ार की भरी सड़के भी सुनी सी लगती है,
    उसके आने की ये आँखें राह देखने लगी हैं,
    अब तो माह भी सालों की राह देखने लगी है,
    लगता है उससे मोहब्बत होने लगी है,
    उसके चेहरे की चमक सादी लगती है,
    चाँद पूरा निकलता है पर रोशनी आधी लगती है,
    बारिश की बूँदें भी अब मुझे भिगोने लगी हैं,
    अब तो दिल की धड़कन भी यादों को पिरोने लगी है,
    लगता है उससे मोहब्बत होने लगी है,
    अभी भी घर की चौखट पर, उसकी राह तके बैठी हूँ,
    सुबह से शाम और शाम से सुबह, उसकी राह में गुज़ार देती हूँ,
    कब आओगे ये मेरी तन्हाई कहने लगी है,
    तन्हाई की बातें दिल को झूठी लगने लगी हैं,
    लगता है उससे मोहब्बत होने लगी है...
    ©pranali_writes_

  • pranali_writes_ 9w

    सूरत ना देखी मैंने उसकी,
    मूरत फिर भी उसकी बनने लगी है,
    दिन को चैन नहीं आता,
    और रातों की नींद उड़ने लगी है,
    लगता है उससे मोहब्बत होने लगी है,
    उसकी यादों में, आँखों से नीर बहते है,
    अब तो आँखों को आँसू से मोहब्बत होने लगी है,
    कलम लिखना चाहती है, केवल तुम्हारे बारे में,
    और बातें मेरी कविताओं में ढलने लगी है,
    लगता है उससे मोहब्बत होने लगी है,
    उसकी यादों में, रातें गुजार देती हूँ,
    अपनी ही बातों में, खुद को सँवार देती हूँ,
    सुनसान रातों में, मेरी बातें गहराई में उतरने लगी हैं,
    अब तो मेरे दिल की तन्हाई मोहब्बत में बदलने लगी है,
    लगता है उससे मोहब्बत होने लगी है,
    सुबह सूरज की रोशनी भी अधूरी सी लगती है,
    बाज़ार की भरी सड़के भी सुनी सी लगती है,
    उसके आने की ये आँखें राह देखने लगी हैं,
    अब तो माह भी सालों की राह देखने लगी है,
    लगता है उससे मोहब्बत होने लगी है,
    उसके चेहरे की चमक सादी लगती है,
    चाँद पूरा निकलता है पर रोशनी आधी लगती है,
    बारिश की बूँदें भी अब मुझे भिगोने लगी हैं,
    अब तो दिल की धड़कन भी यादों को पिरोने लगी है,
    लगता है उससे मोहब्बत होने लगी है,
    अभी भी घर की चौखट पर, उसकी राह तके बैठी हूँ,
    सुबह से शाम और शाम से सुबह, उसकी राह में गुज़ार देती हूँ,
    कब आओगे ये मेरी तन्हाई कहने लगी है,
    तन्हाई की बातें दिल को झूठी लगने लगी हैं,
    लगता है उससे मोहब्बत होने लगी है...
    ©pranali_writes_

  • pranali_writes_ 9w

    शहरामधली वर्दळ पाहुन भुलला आहे
    माळावरचा गुलमोहर
    धुसफुसला आहे
    निळे-सावळे अंबर हाका मारत बसते
    जमिनीमध्ये खोल-खोलवर जीवन धसते
    मनस्थितीचा लंबकही गडबडला आहे
    माळावरचा गुलमोहर
    धुसफुसला आहे
    कधी विहरतो कधी धरेवर दाणा टिपतो
    स्वच्छंदी पक्षांना पाहुन मनात झुरतो
    स्वैर मुक्तसा वारा अंगी भिनला आहे
    माळावरचा गुलमोहर
    धुसफुसला आहे
    जमिनीवरती बागडणारा मनुष्य बघतो
    उभ्या-उभ्याने मनात दिवसा- रात्री कुढतो
    भटकंतीच्या ज्वरामधे फणफणला आहे
    माळावरचा गुलमोहर
    धुसफुसला आहे
    वादळ आले पक्षी सारे गायब झाले
    मनुष्य प्राणी पुरात मेले,
    वाहुन गेले
    परिस्थितीचे चटके सोसत
    तगला आहे
    माळावरती गुलमोहर
    मोहरला आहे
    शहरामधली वर्दळ पाहुन हसला आहे
    माळावरचा गुलमोहर
    मोहोरला आहे
    ©pranali_writes_

  • pranali_writes_ 10w

    शाळेमधला पाऊस, म्हणाला कॉलेजातल्या पावसाला
    सांग किती मुले असतात, सोबत तुझ्या ह्या दिवसाला
    हिरमुसला कॉलेजचा पाऊस, खिन्न मनाने म्हणाला
    शाळेमधली बंधने कॉलेजात नसतात, म्हणून तीच मुले कॉलेज बाहेर दिसतात
    शाळेतला पाऊस म्हणजे एक छत्री तीन मित्र
    कॉलेजातला पाऊस म्हणजे भिजलेले प्रेम, प्रणय चित्र
    शाळेतला पाऊस म्हणजे साचलेलं डबके अन कागदाची होडी
    कॉलेजातला पाऊस म्हणजे वाहते पाणी अन प्रेमाची जोडी
    शाळेतला पाऊस म्हणजे उड्या मारत भिजवत जाणं
    कॉलेजातला पाऊस म्हणजे कट्टयावर बसून भिजलेल्या तिला पाहणं
    शाळेतला पाऊस म्हणजे दादाची सायकल आणि पाण्यातला सूर
    कॉलेजातला पाऊस म्हणजे मित्राची बाईक आणि सिगरेटचा धूर
    शाळेतला पाऊस म्हणजे पैसा खोटा
    कॉलेजातला पाऊस येथे आनंदा नाही तोटा
    ऐकताच सारे कथन शाळेतला पाऊस गहिवरला
    कॉलेजातल्या मातीसंगे तो आसमंतात दरवळला.
    ©pranali_writes_

  • pranali_writes_ 10w

    न चाहो इतना हमें चाहतों से डर लगता है
    न हो इतना क़रीब जुदाई से डर लगता है
    तेरी ख़ामोशी देखकर लगता है तेरा भी कोई अपना था
    इतनी बेदर्दी से बर्बाद कोई गैर नहीं करता
    हम ना पा सके तुझे मुद्दतों चाहने के बाद
    और किसी ने अपना बना लिया चंद रस्में निभाने के बाद
    मेरा हम सफ़र जो अजीब है तो अजीब हूं मैं भी
    मुझे मंज़िलों की खबर नहीं, उसे रास्तों का पता नहीं
    जहां रहेगा वहीं रौशनी लुटाएगा
    किसी चराग़ का अपना मकां नहीं होता
    तोड़ कर जोड़ ले चाहे हर चीज़ दुनिया की
    सब काबिल-ए-मरम्मत है ऐतबार के सिवा
    राह के पत्थर से बढ़कर, कुछ नहीं है मंज़िलें
    रास्ते आवाज देते हैं, सफर जारी रखो
    बादलों के दरमियां कुछ ऐसी साज़िश हुई
    जहां मेरा मिट्टी का घर था वहीं बारिश हुई
    रोज़ ढलता हुआ सूरज कहता है मुझसे
    आज उसे बेवफ़ा हुए एक दिन और बीत गया
    जिंदगी सुंदर है, पर जीना नहीं आता
    हर चीज़ में नशा है, पर पीना नहीं आता
    सब मेरे बगैर जी सकते हैं
    बस मुझे ही किसी के बिना जीना नहीं आता
    ©pranali_writes_

  • pranali_writes_ 10w

    जिन्दगी में अगर बुरे वक्त नही आते
    तो अपनों में छुपे गैर,
    और गैरों में छुपे हुए अपने
    कभी नजर नही आते…

    ©pranali_writes_