pulkit_verma

Insta ID:- bet.enoire

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  • pulkit_verma 10w

    Wailing

    Blue sunflower turned away from Sun,
    Eyes focused on Moon,
    And Mourns subdued by Screams of Heaven's Doom.
    1,000 roses impaled in his Chest,
    Privy to innermost thoughts,
    Attrition of heart into bitter crumbs,
    A stride of cons and peril at every turn,
    Mitrandir killed by wortless scums.
    Every belle with his own kerl.
    But me,
    Chased and aided by Moon-Girl.
    ©pulkit_verma

  • pulkit_verma 13w

    Beelzebub

    I Delve into broken voids
    filled with ballad of broken dreams

    Snare in my head
    And my devil adorend with Jade pink beads

    He guides me through burning scarlet haze
    We stroll in murky maze
    Alluring eyes peek in ground
    As soon as my mind sway for her Gaze

    We sharpen our blades
    I tremble and wobble
    Veins in my legs swell
    We search in mist where she dwell.

    (There she is)
    I'll slice your boobs
    As perfect as Pringles chips
    You're nothing to me
    Dirty humped slut
    With stinking breath
    I can be Gaylord to
    Fuck your kid to death.
    ©pulkit_verma

  • pulkit_verma 13w

    Contrite

    The Wind is calm,
    With tears of storm in her arm!.
    Wrongdoings being burnt
    With ash mixed in churn.

    My vice and error,
    All being shut forever.
    Brook of sorrow and terror,
    Born from pious endeavour.

    Oh! Be my Stallion,
    Ride me to elation.
    Sorry for all my trifling effort,
    I'm just a silly Nerd.
    ©pulkit_verma

  • pulkit_verma 16w

    Reverie

    I love chaos;
    So you the Belle!
    But these pink skies of your eyes,
    Make me question
    Is it all worth it?
    For what I've lived,
    This Hazy Sun
    And Blue smokes.
    Still I want ...?
    I want to jump into this Chasm!
    Deeper n deeper I go,
    More Shallow my pain become,
    More lighter my head become.
    This felicity of your lips
    And Purple hue of my dreams
    All endorsing your
    Trippy smile !!
    ©pulkit_verma

  • pulkit_verma 21w

    Temblor

    Drip n drip, my legs trip.
    As long as my soul creeps,
    So the voices in my head shrinks.
    Chirp n chirp, they all squeak,
    Twist n twist, break my ribs.

    You so close to me, but
    I don't know how to meet
    Echo's in mind, as my heart beats.
    Slurp n slurp, bite my lips
    My mind flows like a creek.
    Dulcet rhyme of you keeps buzzing like a bee,
    You're my Achilles heel.

    Nibble n nibble...
    Shy n crumpy.
    They all scratch my heart
    Slimy n elongated, So shrimpy.
    Creeping in my bed sheets.
    ©pulkit_verma

  • pulkit_verma 22w

    Karralika

    कसता मै जाऊं अपनी रूह को
    तेरी नरम सांसों से;
    और महक जाऊं तेरी जुबां पे।
    अंजुरी भर पीता जाऊ तुझे;
    और रमता जाऊं तेरी बातों मै।

    आंखे है शुष्क,
    जुबान है ज्वर,
    अधर मेरे क्यों बिखरे,
    है वीरान क्यों मेरा मन।
    हो जाएंगी लंबी-लंबी बातें,
    जब खो जाएंगी सुनी-सुनी राते।

    तू जो चाहे तो 'अनुव ' की धड़कन भी साध लू;
    और ' रिहा ' की पंक्तियों को अपने मै समा लू।
    ' दुर्गा ' की भीषणता को भी
    ज्वर बना अपने सर पे चढ़ा लू।

    अवसाद से सनी अंगूर की बेलों पे,
    झूले हम मेरी बिगड़ी सीरत पे।
    सिल दू तुझे में अपनी रातों मै;
    और खिल जाऊ तेरी आंखो से बनी दिए की बाती पे।
    जल जाऊ तेरे कुंतल की लहक से,
    और सम जाऊ तेरे होंठो की लचक में।
    ©pulkit_verma

  • pulkit_verma 22w

    विचित्र

    आ चले सेर पे, और
    थक के हम पथिक शरण ले,
    उजड़े पेड़ो की छांव में।
    ऐसे मरू जिसमें न है मृगतृष्णा
    और गुजरेंगे हम सर्द राहों मै
    रोते हुए आसमानों के जालों से।

    हमारी गूंजती निगाहों से
    और बेबस बांहों मै,
    सांस ले हम धधकती हवाओं में।

    अंबर में उल्टे लटके पर्वत के तले,
    ख्याली किलों को तोड़ेंगे।
    जमे हुए झरनों मै तेरेंगे,
    नीरस भुराल से दिलो को सीचेंग।
    सूखी रेत का रेशम बुनेंगे,
    और रक्त रंचीत वास्प को आंसू में भर लेंगे।
    ©pulkit_verma

  • pulkit_verma 28w

    क्यों तू भी खो गई?
    क्यों तू भी डर गई?
    लबों पे जो है,
    कह भी दो तुम जरा!
    किसी और की बात से
    क्यों तू सहम सी गई।

    जज़्बात जो भी है,
    वो तो बादल से है,
    आते है जाते है
    कभी बरस जाते है
    कभी बस हवा के संग बह जाते है।

    जो लबों पे है
    कह भी दो
    थामे रखना सही नहीं;
    मिश्री सी थी जो बातें,
    उसकी चाशनी में
    नमक घोलना सही नहीं।
    ©pulkit_verma

  • pulkit_verma 28w

    ना तू मेरी
    ना है हर्षा
    क्यों खोजू तुम दोनों
    मै अपना मन दूजा

    पा ना सका एक को
    धुंध मै खोए
    अंधेरों में बह गया
    झूठ के सहारे
    मेरी हिम्मत को पसीजा

    क्या काम उस रूप का
    क्या काम उस कला का
    क्या काम ऐसे इश्क़ का

    मानी मैने अपने दिल की
    खोए अपने मन को
    तेरी चाहत की ललक ने
    छेदा मेरे दिल को।
    ©pulkit_verma

  • pulkit_verma 28w

    आस

    तू ख्वाब है,
    बारिश की नमी का अहेसास है;
    तेरे हाथो की मेंहदी
    को चूम लू मै;
    तेरे होंठो की गर्मी
    को थाम लू मै;
    तुझे बस अपने मै
    समा लू में;
    अपने मन के
    आशियानों को,
    तुझे मै बसा लू मै;
    मेरे गीत का तुझे
    साज बना लू।
    ©pulkit_verma