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  • rashmikalyan6 10w

    ✍️जिस घर से अाए है, उस घर को लोट जाना है ।
    आज नहि तो कल , सबको जाना है ।।
    ✍️ना कुछ लेकर अाए है, ना कुछ लेकर जाना है।
    जितना कमाया है सब कुछ , यही रह जाना है ।।
    ✍️ना कोई साथ आया थे , ना किसी ने साथ जाना है।
    तेरा मेरा कोई नहि है , यूँही ख़ाली हाथ लोट जाना है।।
    ✍️इतना कमाया कुछ काम नहि आयगा , कोई नहि है अपना वहाँ जाकर समझ आएगा ।
    रह जाएगे यही सारे , कोन थे अपने वहाँ जाकर याद भी नहि आएगे।।

  • rashmikalyan6 11w

    ✍️धरती से असमां तक पहुंचा पापा ,
    कंधे पे बिठाके पैरों से चलाना सिखाया पापा।।
    ✍️इस झूठी दुनिया से वकित करया पापा,
    अपना बनाकर ज़िन्दगी से लड़ना सिखाया पापा।।
    ✍️कबी डाट कर तो कबी प्यार से मनाया पापा,
    मुस्किलों की राहों से कबी पीछे ना हटाया पापा।।
    ✍️पराई समझकर कबी इच्छाओं कोदबाया ना पापा,
    ख़ुद भूखा रहकर हमें खाना खिलाया ना पापा ।।
    ✍️भगवान से ऊपर दर्जा है आपका पापा ,
    हो आपका नाम रोशन एसा काम करे हम पापा ।।

  • rashmikalyan6 11w

    ✍️ना असमां से चुराया था तूजे ,ना समंदर से पाया था तुझे।
    गेरौ सा नही अपना सा , समझकर अपनाया था तुझे ।।
    ✍️अगर यूँ ही बेफाई करनी थीं ,तो अपना ना बनते हमे ।
    जाना था अगर राहों में छोड़कर यू ही , तो बटकते राहो से अपनाते ना हमे ।।
    ✍️अगर दोस्ती नहीं थीं हमसे , तो क्यूँ झूठे वादे करते थे ।
    अगर जाना था यूही छोड़कर , तो क्यूँ साथ रहने का नाटक करते थे ।।
    ✍️चलो कमियॉ थी हममें ,तुम हमे छोड़ गएे ।
    गैरो सा बनाकर , यूं अंदर से तोड गऐ ।।
    जाना था अगर तो बेशक चले जाते , कम से कम वजा तो बता जाते ।

  • rashmikalyan6 40w

    जो भी देते है हमको जीवन दान , उन्ही को काट देते है हम ।।
    जो भी हमको ज़िन्दगी देते है , उन्ही से उनकी ज़िन्दगी छीन लेते है हम ।।
    जो भी धूप में हमको छाया देते है , उन्ही को
    जड़ से काट है हम ।।
    जो भी हमको खाना देते है , उन्ही को इतनी बड़ी
    सजा देते है हम ।।
    जो भी हमारी प्रकृति को सुन्दर बनते है , उन्ही को काट देते है हम ।।
    जो भी हमको गर्मी से बचाते है , उन्ही का जीना दुभर करते है हम ।।
    जो हमारे दुख सुख में काम आते है, उन्ही को मार

  • rashmikalyan6 45w

    आजीब सी है ज़िन्दगी , इसी ने मरना सीखाया ।।

    हँसना भी इसी ने सीखाया , रोना भी इसी ने सीखाया ।।

    कोन है दोस्त , कोन है दुश्मन सब इसी ने दिखाया ।।

    किसी को इसने जीने का हक़ दिया ,ओर किसी से इसने छीन लिया ।।

    कौन है अमीर , कौन है गरीब सब इसी ने बताया ।

    कभी तो घर को इसने मंदिर , कभी बंजर बनाया ।

    किसी को इसने ज़िन्दगी दे दी , किसी को इसने मोत दे दी ।।

    क्या होते है रिश्ते , सब इसी ने बताया ।।

  • rashmikalyan6 47w

    क्यूँ मार देते हो माँ के आँचल में ??

    क्यूँ जीने का हक छीन लेते हो ??

    क्यूँ हर बात में हमें ही बदनाम किया जाता हैं??

    क्यूँ सोचते हो लड़कियाँ कुछ नही कर सकती ??

    क्यूँ हर बार हमें ही सब साबित करना पड़ता हैं??

    क्यूँ ज़िन्दगी में कुछ करने नही दिया जाता ??

    क्यूँ पड़ने का हक हमसे छीन लिया जाता है ??

  • rashmikalyan6 48w

    मॉ