rimjhim_sharma

#writer�� _the light fame though_ messed☠️ but happy...��

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Reposts
  • rimjhim_sharma 13w

    What did I do wrong.....?

    Where was I wrong...?
    What was wrong...!
    Who was wrong..??
    Why am I not enough strong...

    I don't know anything....
    I am lost..
    I am brokennnn
    At this moment.....

    Okkk I am asking you to do anything
    Just tell me one thing....

    Where was I wrong...!?
    ©rimjhim_sharma

  • rimjhim_sharma 13w

    Hey..!

    What's wrong with mirakeeee....
    None of the user's cheak any ones work...!?
    I am not gaining any followers or likes....
    I think my writing sucks...!

  • rimjhim_sharma 13w

    Toh kyaaaa..?

    Haa meri baate chubti hai ,
    Par iska matlab ye nahi ki mai chubana chahti hu...!

    Haa mai sach se mukarti hu ,
    Par iska mtlb ye nahi ki mai unka saamne nhi kar skti..!

    Haa mai jawab deti hu ,
    Par iska mtlb ye nahi mujhe izzat dena nahi aata...!

    Haa log mujhe psnd nahi krte ,
    Par maine koi itni badi glti toh nahi ki hai...!

    Haa mai hamesha muskurati hu ,
    Haa mujhe khush rhna psnd h...
    Par iska mtlb ye nahi ,
    Ki mere hisse me sirf khushiya likhi h...!
    ©rimjhim_sharma

  • rimjhim_sharma 13w

    I am this lazy that I don't even cheak my status privacy...!

  • rimjhim_sharma 13w

    आज फिर

    आज फिर से मन में ख्वाबों का सैलाब उठ रहा है ,
    अंधेरी रातों में एक सपना बन रहा है ।
    अंधेरों में फिर उम्मीद कि किरने दिख रही है ।

    आज फिर ये हवाएं मुझसे कुछ कह रही है ,
    आज फिर मैं इनकी बाते सुनकर मुस्कुरा रही हूं ,
    आज फिर इन मुस्कुराहटों कि असली वजह को
    नजरअंदाज कर रही हूं ।

    आज फिर सही ओर गलत के बीच में एक जरिया बनकर बस चुकी हूं ,
    आज फिर दिमाग से काम ले रही हूं ।
    आज फिर , आज फिर।
    ©rimjhim_sharma

  • rimjhim_sharma 13w

    कब तक ?

    चुप करके सेहती रहो !
    चुप रहो सब कुछ सहो ।
    - कब तक हा ? आखिर कब तक ?
    बस !
    इस जगह इस घड़ी ,
    कुछ नहीं है इस वक़्त सही !

    - सही गलत तुम नहीं सोचोगी ,
    बस चुप करके सहती रहोगी !
    हमे कुछ फर्क नहीं पड़ता अब ,
    चाहे तुम जियोगी या मरोगी ।

    अब नहीं बैठूंगी चुप चाप ,
    दूंगी जवाब में हर बार !
    इस तरह चुप कराकर क्या मिलेगा...!?
    बस मेरे मन में एक अंगार और जलेगा !

    - बेटी हो तुम ! लड़की हो तुम !
    कुछ भी ही जाए रहोगी गुमसुम ।

    वैसे भी तो मरना ही है ,
    तो क्यों ना जवाब देके मरे !
    क्यों ना सवाल उठा के मरे ,
    आने वाली बेटियों को हिम्मत देके मरे।।।
    ©rimjhim_sharma

  • rimjhim_sharma 13w

    जब आंखें खुली !

    जब आंखें खुली तो पता चला ,
    इस बड़ी सी दुनिया का छोटा सा तिनका भी
    बहुत कुछ कह जाता है ।
    पर अगर उस तिनके कि बात कोई ना सुने ,
    तो वो तिनका इस बड़ी दुनिया में कहीं उड़ जाता है

    जब आखे खुली तो पता चला ,
    यहां कोई किसी कि परवाह नि करता ,
    पर अगर उसी परवाह से पर हटा दे ,
    तो वो तो दिखावत करते है ।

    अंदर से कुछ भी करो ,
    पर बाहर तुमको खुश रहना है ,
    यही तो है , बस यही तो है !!

    जब आंखें खुली तो पता चला ,
    काले सफेद का भेद पता चला ,
    रंग रूप की असलियत पता चली ,
    अरे जब कुछ नहीं बचेगा, तो क्या ???

    दुनिया के हिसाब से चल खुश रहेगी ,
    बस इतना सुनने को मिला ।

    ©rimjhim_sharma

  • rimjhim_sharma 15w

    सिर्फ तुम ही हो

    घर की दीवारों में तुम बसे हुए हो ,
    बाहर की हवाओं में तुम बसे हुए हो ,
    पानी की गहराइयों में तुम बसे हुए हो ,
    किताबो की लिखावटो में तुम बसे हुए हो ,
    दिमाग की नोको में तुम बसे हुए हो ,
    सोचती हूं तुम्हारा ख्याल करना छोड़ दू ,
    पर क्या करू दिल की धड़कनों में भी तो तुम हो ।

    तुम्हे फर्क पड़े ना पड़े ,
    मगर मेरी तो छोटी छोटी यादों के फर्क में भी तुम बसे हुए हो!

    प्यार करना तुम्हीं से सीखा है ,
    बस एक ही शिखवा है ,
    अब क्या चाइए क्या बताए ,
    हमारी तो चाहत भी तुम ही हो !
    ©rimjhim_sharma

  • rimjhim_sharma 15w

    Feel me...

    I am lost in a path I know where to go

    ©rimjhim_sharma

  • rimjhim_sharma 15w

    Hate...

    Instead of loving me for the fake me , hate me for the real meh...
    ©rimjhim_sharma